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Devaluation Of Bandhavgarh National Forest From Very Good To Good

Management Of Effective Evaluation Report

 

 
 

08 Dec 2014

 
  India RTI News Exclusive  
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Umaria - पार्क प्रबन्धन की लापरवाही के कारण मैनेजमेंट आॅफ इफेक्टिव इवोल्यूएशन की अपनी रिपोर्ट में बांधवगढ टाईगर की रैकिंग फिसली है। जहां पूरे प्रदेश के पार्कों की रैेकिंग सुधरी या अपनी पिछली के यथावत बनी रही है, वहीं इस पार्क की रैंकिंग का पिछडना अपने आप एक प्रश्नचिन्ह है। उक्त संस्था की रिपोर्ट के अनुसार बांधवगढ टाईगर रिजर्व वेरीगुड की श्रेणी से फिसलकर गुड की श्रेणी में पहंुच गया है। जबकि Kanha, Panna ,Pench और Satpura National Park नेशनल पार्क की very good श्रेणी में बने रहे हैं। पूरे प्रदेश स्तर पर एक मात्र Sanjay Dubri नेशनल पार्क ही ऐसा है जिसने अपनी पिछली श्रेणी से सुधार कर फेयर से गुड की श्रेणी में पदोन्नत हुआ है। ऐसे में उमरिया जिले के वन्यजीव प्रेेमी बीटीआर प्रबन्धन पर कोई आक्षेप लगा रहे हैं,तो कोई गलत बात नहीं है। इसकी क्या वजह रही होगी पार्क प्रबन्धन वर्ष 2010-11में मिली वेरीगुड की श्रेणी में भी नहीं रह सका। जबकि यथावत स्थिति में रहना भी प्रबन्धन पर सवालिया निशान खडे होते हैं।
संस्था को ये मिली खामियां:-मैनेजमेंट आफ इफेक्टिव इवोल्यूएशन की टीम सर्वे में टाईगर कंजरवेशन प्लान की कमी देखी गई। बीटीआर में अभी तक टीसीपी पर कोई काम नहीं किया गया है। बीटीआर में रिकार्ड संधारण भी सही तरीके से नहीं पाया गया। सैलानियों ने पार्क प्रबन्धन से सहयोग नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई है। पार्क प्रबन्धन और वन समितियों के बीच सही समन्वय नहीं होने के कारण पार्क के कोर और बफर गावों के स्थानीय समुदाय से अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती है। प्रदेश के सभी नेशनल पार्क की अपनी वेबसाइट बनी हुई है, वहीं बीटीआर की अभी तक अपनी कोई वेबसाईट नहीं बनी है।
हो सकती है बजट में कटौती:- इस रिपोर्ट के बाद से पार्क प्रबन्धन में सनसनी फैली हुई है। इस रिपोर्ट के बाद पार्क को मिलने वाली भारी -भरकम सहायता में कमी आने की संभावना हैं। पार्क प्रबन्धन को विभिन्न योजनाओं की राशि कटौती की संभावना को भी नहीं नकारा जा सकता। मैनजमेंट के सदस्य पार्क के मैदानी स्तर पर रखरखाव और वन्यप्राणियों की सुरक्षा सहित विभिन्न पहलुओं पर सर्वे करने के बाद ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करत हैं। ऐसें में उक्त रिपोर्ट से पार्क प्रबन्धन कब चेतेगा , यही सवाल वन्यजीव प्रेमियों के जेहन में गूंज रहा है।
इनका कहना हैः- प्रबन्धन की लापरवाही और अनदेखी के कारण बांधवगढ नेशनल पार्क वेरीगुड की श्रेणी से गुड की श्रेणी में फिसला है। पार्क प्रबन्धन की लचर कार्यशैली के बारे में पिछले कुछ सालों से लगातार शिकायतें मिली है। इस सम्बन्ध में केन्द्र तक शिकायत की गई है, यहां के पूरे प्रबन्धन को बदले जाने की जरूरत है।
RTI एक्टिविस्ट और वन्यजीव प्रेमी , Ajay Dubey
वेबसाइट और टाईगर कंजरवेशन प्लान जैसी कमियों के कारण पार्क की वेरी गुड श्रेणी में कटौती की गई है। जबकि पूरे प्रदेश में वन्य प्राणियों की सुरक्षा की सबसे अच्छी व्यवस्था है। पार्क प्रबन्धन को जिन कारणों से भी दस अंक कम मिले है, उन्हें सुधार कर उक्त स्थिति को वापिस प्राप्त कर लिया जायेगा।
Mr. CH Murlikrishnana फील्ड डायरेक्टरी बांधवगढ नेशनल पार्क

 
   
     
   
   
   
   
 
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